रात खूब नीले आसमान में
टँका चाँद
जैसे
नीला पट खींच
दुल्हनिया ने दिखाया हो
अपना श्वेत मुख
औ धुल गयी हो सम्पूर्ण धरती
मखमली चांदनी से ,
उधर बालों में टँका
सितारे का गोटा
लहरा उठा हो धवल आकाश में
जैसे चूमने को दुल्हनिया का मुख
फड़फड़ा रहा हो
बालों में बँधा
असफल सी कोशिश के साथ।।।
@आशुतोष राय
टँका चाँद
जैसे
नीला पट खींच
दुल्हनिया ने दिखाया हो
अपना श्वेत मुख
औ धुल गयी हो सम्पूर्ण धरती
मखमली चांदनी से ,
उधर बालों में टँका
सितारे का गोटा
लहरा उठा हो धवल आकाश में
जैसे चूमने को दुल्हनिया का मुख
फड़फड़ा रहा हो
बालों में बँधा
असफल सी कोशिश के साथ।।।
@आशुतोष राय
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