मैंने बस एक नाम लिया
ईश्वर ;
वह बिखर उठा
चाँद में चांदनी बनकर
सूरज में रौशनी बनकर
सितारों में टिमटिमाहट बनकर
और घिर गया मै
उसके निर्मल आशीष में
प्राण में संवेदना बनकर।
ईश्वर ;
वह बिखर उठा
चाँद में चांदनी बनकर
सूरज में रौशनी बनकर
सितारों में टिमटिमाहट बनकर
और घिर गया मै
उसके निर्मल आशीष में
प्राण में संवेदना बनकर।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें